THANK YOU FOR VISITING

THANK YOU FOR VISITING

Wednesday, March 20, 2024

होली

              होली के ये रंग 
**********************************
होली के ये रंग सांवरे,
रंगे तो खिल उठे अंग बांवरे,
तन मन दोनो रहे प्रसन्न,
जीवन रंगो से रहे आनंद।

राधा तन पर रंग गुलाल,
अंग अंग पीला और लाल,
रंग बिरंगी प्रेम युगल के,
है प्रेम मगन ज्यों हाल।

प्रीत मिलन की अद्भुत होली,
कई रसों की हमजोली,
साक्षी जिनके शशि दिनकर ,
प्रेम भावना बढ़े निरंतर।

रंग रंग है परिचय कई भाव के,
औषधि जैसे तनाव के,
मिल कर लोगों से द्वेष मिटाओ,
प्रेम सहित होली मनाओ।

© अमित पाठक शाकद्वीपी 


No comments:

Post a Comment

शकुंतला दुष्यंत

कितना बेहतर जीवन था, दिन थे कितने गुलजार। उपवन बीच बसेरा अपना, पुष्पों की थी सजी बहार।। आए एकदिन राजकुंवर फिर करने को था रहा शिक...