THANK YOU FOR VISITING

THANK YOU FOR VISITING

Sunday, July 16, 2023

राम धुनि

राम धुनि : मनहरण घनाक्षरी
( सादर समीक्षार्थ समर्पित)
**********************************
विजय विश्वास लिए, राम रस पान किए 
भक्ति विधान का जरा, मार्ग ढूंढ आईए।

दिन रात आठों याम, राम राम लिए नाम 
गाईये भजन कोई , औरों से गवाईए।

हो दिव्य साधना तेरी , है बज रही बांसुरी 
धरिए ध्यान राम का, महा सुख पाइये।

राम गुण राम धुन , राम बोल राम सुन
प्रतिमा राम सीता की , मन मे बसाइये ।
                             – अमित पाठक शाकद्वीपी 

No comments:

Post a Comment

आशाओं के अंकुर

कागा जैसा रूप मिला,  और वाणी जैसे दादुर। पर अपनी मस्ती में  रहते वीर बहादुर।। इक इक कर सब साथ छूट गए, होते गये सभी दूर। अनगिनत च...