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Sunday, July 16, 2023

राम धुनि

राम धुनि : मनहरण घनाक्षरी
( सादर समीक्षार्थ समर्पित)
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विजय विश्वास लिए, राम रस पान किए 
भक्ति विधान का जरा, मार्ग ढूंढ आईए।

दिन रात आठों याम, राम राम लिए नाम 
गाईये भजन कोई , औरों से गवाईए।

हो दिव्य साधना तेरी , है बज रही बांसुरी 
धरिए ध्यान राम का, महा सुख पाइये।

राम गुण राम धुन , राम बोल राम सुन
प्रतिमा राम सीता की , मन मे बसाइये ।
                             – अमित पाठक शाकद्वीपी 

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