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Monday, January 13, 2025

सुभाष चंद्र बोस

भारत भू के दिग्गज योद्धा,
अनुपम जिनकी शान रे,।
रक्त रस से सींच धरा को
दिया बहुत सम्मान रे।।

अद्भुत जिनका जोश 
कुछ ऐसे थे बोस।। ........ X 2

भारत माँ का सच्चा बेटा, 
रग रग में उबाल रे।
हुकूमत जिनसे थर थर कांपे, 
ऐसे किए बबाल रे।।

भक्ति थी सर्वोच्च,
कुछ ऐसे थे बोस।। ........ X 2

गरम दल के रहे प्रणेता, 
देश हित का रहा सवाल रे।
आजाद हिंद था फौज बनाया,
आजादी की बने मिसाल रे।।

अंग्रेज के उड़ गए होश,
कुछ ऐसे थे बोस।।....... X 2

भारत माता की रक्षा में,
किए न्योछावर प्राण रे।
देश धरा पर वीर सुभाष सा,
नहीं कोई महान रे।

सीने में आक्रोश,
कुछ ऐसे थे बोस।।........... X 2 

कुछ ऐसे थे बोस।
कुछ ऐसे थे बोस।।

© अमित पाठक शाकद्वीपी 

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