THANK YOU FOR VISITING

THANK YOU FOR VISITING

Tuesday, June 11, 2024

संगी साथी

 
लेकर इन हाथों में हाथ,
देना है जीवन भर साथ,
बन कर दोस्त रहेंगे ऐसे,
दो बदन एक जान हो जैसे।

अब संग संग ही चलना होगा,
धुप छांव सम ढलना होगा,
होगी बाते जब हम दोनो की,
जिगरी दोस्त थे कहना होगा।

हाथो में लेकर हाथ प्रिये 
अब रहना बस मेरे साथ प्रिये,
इस दिल की धड़कन में बसा लिया,
तेरे आगे जुकाऊँ माथ प्रिये।

हम दोनों ही रहे एक सदा
न कोई अलग अलग दिखता हो
इस रिश्ते का न मोल कोई
अद्भुत अनमोल ये रिश्ता हो।

मिलकर इस जग को जीतेंगे,
कोई बोले ज्यादा तो पीटेंगे,
जब हम राजी तो सब राजी
सब प्रेम से ही अब सोचेंगे।

साथ साथ ही झूमे गाएं,
एक दूजे को हर बात बताएं,
वादा करते हैं अब तुमसे,
दूर रहना न होगा हमसे।

© अमित पाठक शाकद्वीपी 

No comments:

Post a Comment

प्रेमानुभूति

श्री राधे में खो गए मोहन कुंज बिहारी,  ज्यों है देखो प्रेम मग्न उनकी राधा प्यारी। अद्भुत शोभा है तन मन की लीला कितनी न्यारी, राध...