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Sunday, April 7, 2024

हरिगितिका


            हरिगीतिका
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हे शिव प्रभो आनन्ददाता, ज्ञान हमको दीजिये।
शीघ्र सारे दुर्गुणों को अब, दूर हमसे कीजिये।
लीजिए हमको तब शरण में, हम सदाचारी बने।
भक्त हम रहे तेरे प्रिय अब , वीर व्रतधारी बनें।

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