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Monday, April 8, 2024

जय कारी छंद

जय  हो   श्री  शंकर सरकार।
त्रिभुवन   महिमा  अपरम्पार।।
जग के कारक पालक आप।
करते   समन  सकल  संताप।।

पुनि पुनि धरूं चरण में शीश।
 दया हो कैलाश के ईश।।
"देव" झुकाये निश दिन माथ।
 उर में विराजित शंभुनाथ।।

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