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व्याकुल सी जब राधिके
व्याकुल सी जब राधिके चाहे कुछ आराम, सेज नहीं, न आसन भाये, चाहे केवल श्याम। कांधे पर जब शीश धरे, तब मन को हो विश्राम, प्रीत मीत ...
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साहित्य जगत में एक नवीन आलोक प्रज्वलित करते हुए, सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं काव्य-संपादक नीता बिष्ट जौनपुरी द्वारा संकलित नवीनतम ...
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अप्रैल 2022, उन दिनों में मैं योर कोट नाम के एक ऐप पर छोटी-छोटी रचनाएं लिखा करता था। छोटी-छोटी मुक्तक लिखने के लिए यह एक अच्छा स...
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प्रश्न किनके तन पे, किनके मन पे, प्रभु पूजन की सुमनें पनपे। जब नेह नहीं फिर बेमन से, उनको भजते रहते प्रण से ? उत्तर तन पे उनके, मन पे उन...
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