THANK YOU FOR VISITING

THANK YOU FOR VISITING

Tuesday, February 13, 2024

मां शारदे

मां शारदे 
••••••••••••••••••••
श्वेत हंस पर कर के सवारी आन पड़ो मां देवी दुलारी,
कब से तेरी राह तकूं मैं दर्श मिले तो भाग्य हमारी।

बाएं कर में वीणा सोहे , दाएं में मुक्तन की माला,
ज्ञान अमृत का पान करा दो तब तो मिटे अज्ञान की हाला।

श्वेतांबर में ललित छवि सुन्दर,
मुख की ज्योति बढ़े निरंतर।

ज्ञान क्रिया की देवी दयाला,
भक्तों को वर देती निराला।

मां रुप की तुलना नहीं है,
अनुपम शोभा इतनी प्यारी ।।

श्वेत हंस पर कर के सवारी आन पड़ो मां देवी दुलारी,
कब से तेरी राह तकूं मैं दर्श मिले तो भाग्य हमारी।
© अमित पाठक शाकद्वीपी

No comments:

Post a Comment

व्याकुल सी जब राधिके

व्याकुल सी जब राधिके चाहे कुछ आराम,  सेज नहीं, न आसन भाये, चाहे केवल श्याम। कांधे पर जब शीश धरे, तब मन को हो विश्राम, प्रीत मीत ...