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Friday, January 5, 2024

अख़बार के पन्नो पर.... स्याही सा बिखरा मैं (भाग 1)

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व्याकुल सी जब राधिके

व्याकुल सी जब राधिके चाहे कुछ आराम,  सेज नहीं, न आसन भाये, चाहे केवल श्याम। कांधे पर जब शीश धरे, तब मन को हो विश्राम, प्रीत मीत ...