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Wednesday, October 29, 2025

कहा रहती है सारी नदियां और तीर्थ

तत्रैव गंगा यमुना च त्रिवेणी, गोदावरी सिंधु सरस्वती च।
सर्वाणि तीर्थानि वसन्ति तत्र, यत्राच्युतोदारकथाप्रसङ्गः॥

व्याकुल सी जब राधिके

व्याकुल सी जब राधिके चाहे कुछ आराम,  सेज नहीं, न आसन भाये, चाहे केवल श्याम। कांधे पर जब शीश धरे, तब मन को हो विश्राम, प्रीत मीत ...